प्रकाशनों की सूची वर्ष 2014-15

शोध पत्र (7)

  1. बरुआ सुकन्या, बी.के. सिंह और प्रेमलता सिंह (2015). पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सब्जी उत्पादकों के ज्ञान स्तर का आकलन और उसे प्रभावित करने वाले कारक. इंडियन जर्नल ऑफ़ हॉर्टिकल्चर. 72 (1), मार्च 2015 तक पृष्ठ.149-152. (NAAS 6.11).
  2. गोंडकर सचिन, बी.के. सिंह (2014). संरक्षित कृषि उद्यमियों द्वारा उत्पादन, फसलोत्तर प्रबंधन और उपज के विपणन में पेश आने वाली बाधाओं का विश्लेषण. एन्नल्स ऑफ़ एग्री-बायो रिसर्च 19 (3): 591-594, 2014 (NAAS 2.91).
  3. क़ादरी जे.ए. पीर, एस.के. खेर, नफीस ​​अहमद, जे.एस.मन्हास व जसविंदर कौर (2014).आलू की फसल में उर्वरकों और खादों की अंगीकरण गतिकी. इंडियन रिसर्च जर्नल ऑफ़ एक्सटेंशन एजुकेशन. 14 (1): 115-117. (NAAS 3.92).
  4. क़ादरी जे.ए. पीर, एम.ए. बेग, नफीस ​​अहमद, अब्दुल रऊफ़ व जसविंदर कौर (2014).आलू की फसल में नाशीजीवनाशकों के अंगीकरण की मात्रा और स्तर पर एक अध्ययन. ईकोलॉजी, एनवॉयरन्मेंट एंड कंज़र्वेशन 20 (4): 417-423. (NAAS 5.02).
  5. हालेन कासा, प्रेमलता सिंह, निशी शर्मा और वी. संगीता (2014). इथोपिया और भारत के कृषि विश्वविद्यालयों में प्रसार प्रणाली और किसानों से संबंध की प्रभावशीलता. द जर्नल ऑफ़ रिसर्च अंग्रआऊ 42 (2), अप्रैल-जून. 17-24. (NAAS 3.86).
  6. शर्मा निशी, मोनिका वासन, प्रेमलता सिंह, आर.एन. पड़ारिया, वी. संगीता और नरेंद्र कुमार (2014). आजीविका सुरक्षा और लिंग सशक्तीकरण में सुधार करने में स्वयं सहायता समूहों की प्रभावशीलता. ईकोनॉमिक अफ़ेयर्स: अंक 59. विशेष अंक, 747-756. (NAAS 4.69)।
  7. सिंह बी.के., अंबरीष कुमार शर्मा, निशी शर्मा, आर.पी सिंह 'रतन' और किशन सिंह (2015). संस्थागत संबंधों के जरिए झारखंड के आदिवासी किसानों की उत्पादकता और लाभ में वृद्धि. इंडियन रिसर्च जर्नल ऑफ़ एक्सटेंशन एजुकेशन. पेपर स्वीकृत.

लोकप्रिय लेख (3)

  1. मौर्य पीपी, किशन सिंह, नंद किशोर और बीके सिंह (2015). ग्रीष्मकालीन मूंग की उन्नत खेती. किसान विकास सहयोग पत्रिका,प्रका. राष्ट्रीय किसान संगठन,फरवरी-मार्च,पृ. 6
  2. सिंह, किशन, पी.पी. मौर्य, बी.के. सिंह और नंद किशोर (2015). पूसा संस्थान द्वारा विकसित बासमती धान की उन्नत खेती. प्रसार दूत, भारतीय कृषि अनु. सं., नई दिल्ली, पृ. 1-3.
  3. शर्मा निशी और ममता मीणा (2014). फ़्रोजन सब्जियाँ: एक लाभकारी संरक्षण विधि. प्रसार दूत. जून: 44-52.
 

संगोष्ठी पत्र (12)

  • सिंह, बी.के., निशी शर्मा और किशन सिंह (2015). उन्नत गाजर किस्म के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा देना. ISEE राष्ट्रीय संगोष्ठी, बाजार-प्रेरित कृषि वृद्धि और विकास के लिए प्रसार नवाचार और विधियाँ. राजमाता सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर (म.प्र.) द्वारा आयोजित.26-28 फरवरी, 2015.
  • सिंह बी.के., अंबरीष कुमार शर्मा, निशी शर्मा, आर.पी सिंह 'रतन' और किशन सिंह (2014). संस्थागत संपर्कों के माध्यम से उत्पादकता और झारखंड के आदिवासी किसानों के मुनाफे को बढ़ाना. शोधपत्र प्रस्तुति, 7वीं राष्ट्रीय प्रसार शिक्षा कांग्रेस - 2014, आयोजक - सोसाइटी ऑफ़ एक्सटेंशन एजुकेशन, आगरा, एवं उत्तर पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र के लिए भा.कृ.अ.प. अनुसंधान परिषद का अनुसंधान परिसर, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, इंफाल, असम कृषि विश्वविद्यालय, असम और क्षेत्रीय परियोजना निदेशालय, ज़ोन III, उमियाम, मेघालय नवंबर 8-11, 2014.(पत्र प्रस्तुत)
  • शर्मा निशी, जे.पी.एस. डबास, नफीस अहमद और हिमानी बुद्धिराजा (2014). पोषक तत्वों से समृद्ध किस्मों और उत्पादों के माध्यम से सूक्ष्म पोषक तत्व सुरक्षा. कृषि, वानिकी, बागवानी, जल कृषि, पशु विज्ञान, खाद्य प्रौद्योगिकी, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन: टिकाऊ दृष्टिकोण पर विश्व कांग्रेस, आयोजक कृषि संस्कृति, 6-7 दिसंबर, 2014 जेएनयू, नई दिल्ली.
  • अहमद नफीस, निशी शर्मा, नंद किशोर, पी.पी. मौर्य, ए.वी. दुबे, राकेश कुमार (2015). 'उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में कृषि प्रौद्योगिकियों को बढ़ाने के लिए भागीदारी कार्यक्रम', सातवें वार्षिक सम्मेलन एवं राष्ट्रीय सेमीनार, विषय - टिकाऊ ग्रामीण आजीविका: तकनीकीगत एवं संस्थागत नजरिया, 08-10 जनवरी, 2015 को कृषि विस्तार शिक्षा, शेर-ए-कश्मीर कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, जम्मू मुख्य कैंपस, छाता, जम्मू और सोसाइटी फ़ॉर कम्यूनिटी मोबिलाइज़ेशन फॉर ससटैनेबल डेवलपमेंट. (पेपर प्रस्तुत)
  • वासन मोनिका, प्रेमलता सिंह, आर.एन. पडारिया, वी. संगीता, निशी शर्मा, शशि गुप्ता और वी.के; चतुर्वेदी (2015). लैंगिक सशक्तीकरण के माध्यम से स्वयं सहायता समूह के सदस्यो का प्रशिक्षण आवश्यकता आकलन.सातवें वार्षिक सम्मेलन एवं राष्ट्रीय सेमीनार, विषय - टिकाऊ ग्रामीण आजीविका: तकनीकीगत एवं संस्थागत नजरिया, 08-10 जनवरी, 2015 को कृषि विस्तार शिक्षा, शेर-ए-कश्मीर कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, जम्मू मुख्य कैंपस, छाता, जम्मू और सोसाइटी फ़ॉर कम्यूनिटी मोबिलाइज़ेशन फॉर ससटैनेबल डेवलपमेंट. द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित.
  • वासन मोनिका, प्रेमलता सिंह, आर.एन. पडारिया, वी. संगीता, निशी शर्मा, शशि गुप्ता और वी.के; चतुर्वेदी (2015). स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिला सशक्तीकरण. सातवें वार्षिक सम्मेलन एवं राष्ट्रीय सेमीनार, विषय - टिकाऊ ग्रामीण आजीविका: तकनीकीगत एवं संस्थागत नजरिया, 08-10 जनवरी, 2015 को कृषि विस्तार शिक्षा, शेर-ए-कश्मीर कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, जम्मू मुख्य कैंपस, छाता, जम्मू और सोसाइटी फ़ॉर कम्यूनिटी मोबिलाइज़ेशन फॉर ससटैनेबल डेवलपमेंट. द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित.
  • शर्मा निशी, अंबरीष शर्मा और नफीस अहमद (2015).गुजरात में निजी-सार्वजनिक भागीदारी के माध्यम से कृषि प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना. चौथा अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ़रेंस विषय टिकाऊ आजीविका प्रणालियों का प्रबंधन. उड़ीसा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भुबनेश्वर, उड़ीसा, INSEE, OUAT और उड़ीसा सोसाइटी ऑफ़ एक्सटेंशन एजुकेशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित, फरवरी 14-17, 2015.
  • सिंह, बी.के., निशी शर्मा और किशन सिंह (2015). गाजर की उन्नत किस्मों के माध्यम से उद्यतिमा को बढ़ावा देना. ISEE राष्ट्रीय संगोष्ठी, बाजार-प्रेरित कृषि वृद्धि और विकास के लिए प्रसार नवाचार और विधियाँ. राजमाता सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर (म.प्र.) द्वारा आयोजित, फरवरी 26-28, 2015.
  • वासन मोनिका, प्रेमलता सिंह, आर.एन. पडारिया, वी. संगीता, निशी शर्मा, शशि गुप्ता और वी.के; चतुर्वेदी (2015). लैंगिक सशक्तीकरण के लिए स्वयं सहायता समूहों की प्रभावशीलता और टिकाऊपन को बढ़ाने के लिए क्षमता वर्धन मॉड्यूलों को डिज़ाइन एवं सत्यापित करना. ISEE राष्ट्रीय संगोष्ठी, बाजार-प्रेरित कृषि वृद्धि और विकास के लिए प्रसार नवाचार और विधियाँ. राजमाता सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर (म.प्र.) द्वारा आयोजित, फरवरी 26-28, 2015.
  • शर्मा अंबरीष कुमार, नफीस अहमद और निशी शर्मा (2015). 'सार्वजनिक अनुसंधान संस्थान और स्वैच्छिक संगठनों की भागीदारी के माध्यम से कृषि प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना.12 कृषि विज्ञान कांग्रेस (12 एएससी) राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान, करनाल में 3 से 6 फ़रवरी 2015 को आयोजित.
  • शर्मा निशी, जे.पी.एस. डबास, नफीस अहमद और हिमानी बुद्धिराजा. (2014). पोषण समृद्ध किस्मों और उत्पादों के माध्यम से सूक्ष्म पोषक तत्व सुरक्षा. कृषि, वानिकी, बागवानी, जल कृषि, पशु विज्ञान, खाद्य प्रौद्योगिकी, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन: टिकाऊ दृष्टिकोण पर विश्व कांग्रेस, आयोजक कृषि संस्कृति, 6-7 दिसंबर, 2014 जेएनयू, नई दिल्ली.
  • शर्मा निशी, जे.पी.एस. डबास, नफीस अहमद और हिमानी बुद्धिराजा. (2014). अभिनव बाजरा और गुड़ के कुकीज़ द्वारा लघु उद्यम विकास.प्रथम अंतर्राष्ट्रीय कांग्रेस, विषय: जैव प्रौद्योगिकी में उभरते रुझान पर विशेष तौर पर जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में. वनस्थली विद्यापीठ, राजस्थान, एवं इंडियन सोसाइटी ऑफ़ जेनेटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च एंड डेवलपमेंट, 23-25 ​​दिसम्बर, 2014 को आयोजित.
  • शर्मा निशी (2015). कृषि आधारित उद्यमों के माध्यम से कृषि महिलाओं की खाद्य सुरक्षा और आय बढ़ाना. अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस, विषय, जलवायु परिवर्तन के शमन के लिए कृषि विज्ञान, वानिकी, खाद्य प्रौद्योगिकी और सहभागी प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (ए.एफ.-नेचर 2015). कृषि संस्कृति एवं सोशल वेलफ़ेयर फाउंडेशन के द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित, फरवरी 21-22, जेएनयू, नई दिल्ली (शोधपत्र प्रस्तुत).

 

पुरस्‍कार एवं सम्‍मान

कैटेट

  1. 10 वीं अंतर्राष्ट्रीय कृषि और बागवानी एक्सपो 2014. एन.एन.एस. मीडिया ग्रुप द्वारा आयोजित, प्रगति मैदान, 25-27 जुलाई, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में पूसा संस्थान के स्टॉल को उत्कृष्ट उपलब्धि और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए 1 पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
  2. अखिल भारतीय किसान मेला और कृषि औद्योगिक प्रदर्शनी, सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ द्वारा 16-18 अक्टूबर, 2014 को आयोजित, पूसा संस्थान के स्टॉल को उत्कृष्ट उपलब्धि और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए 1 पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

डॉ. बी. के. सिंह

  1. आयोजन सचिव - आयोजन सचिव पूसा कृषि विज्ञान मेला 2015.
  2. सदस्य सचिव - पूसा नवोन्मेषी किसान और पूसा अध्येता किसान चयन समिति, पूसा कृषि विज्ञान मेला, 2015 में पुरस्कार के लिए.
  3. सचिव -इंडियन सोसाइटी ऑफ़ एक्सटेंशन एजुकेशन, नई दिल्ली
  4. संयुक्त सचिव -सोसाइटी ऑफ़ एक्सटेंशन एजुकेशन, एस.ई.ई., आगरा.
  5. मुख्य संपादक -प्रसार दूत.एटिक, कैटेट, भा.कृ.अनु. संस्थान, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित.

डॉ. नफीस अहमद

  1. सदस्य संपादकीय बोर्ड - प्रसार दूत.एटिक, कैटेट, भा.कृ.अनु. संस्‍थान, नई दिल्‍ली द्वारा प्रकाशित.

 

डॉ. निशी शर्मा
संपादक - जर्नल ऑफ़
श्री आनंद विजय दुबे: संस्‍थान स्‍तर की हिंदी चेतना मास के दौरान होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं में निम्न पुरस्‍कार जीते:

  1. प्रथम पुरस्कार - श्रुतलेख
  2. प्रथम पुरस्कार-निबंध लेखन