डॉ. आर.के. जैन ने दिनांक 18 दिसम्बर 2013 को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली में डीन एवं संयुक्त निदेशक (शिक्षा) का पदभार ग्रहण किया। डॉ. जैन का जन्म 21 मई 1956 को रोहतक (हरियाणा) में हुआ तथा इन्होंने एस.डी. कॉलेज, अम्बाला कैन्ट से वर्ष 1974 में बी.एससी., गोविन्द बल्लभ पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पन्तनगर से 1977 में एम.एससी. तथा भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली से 1988 में पीएच.डी. की डिग्री प्राप्त की। डॉ. जैन ने सीएसआईआरओ, मेलबोर्न, आस्ट्रेलिया; फ्लोरिडा विश्वविद्यालय, गैनेजविले तथा जार्जिया विश्वविद्यालय, टिफटॅान, यूएसए से पोस्ट डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की। डीन एवं संयुक्त निदेशक (शिक्षा) का पदभार ग्रहण करने से पूर्व डॉ. जैन ने वर्ष 2007 से संस्थान के पादपरोग विज्ञान संभाग के अध्यक्ष के उत्तरदायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।

डॉ. जैन ने वर्ष 1978 से 1986 तक केन्द्रीय चावल अनुसंधान संस्थान, कटक में वैज्ञानिक (पादपरोग विज्ञान) के पद पर कार्य किया। तदुपरान्त इन्होंने वर्ष 1986 में संस्थान के पादपरोग विज्ञान संभाग में वरिष्ठ वैज्ञानिक के पद पर कार्यभार ग्रहण किया तथा 1998 में प्रधान वैज्ञानिक का पदभार ग्रहण किया। एक उत्कृष्ट पादप विषाणुविज्ञानी के रूप में इनके अनुसंधान कार्यों में सूरजमुखी एवं मूंगफली को संक्रमित करने वाला तम्बाकू स्ट्रीक विषाणु (टीएसवी), पपीता को संक्रमित करने वाला पपीता वलय चित्ती विषाणु (पीआरएसवी) तथा टमाटर को संक्रमित करने वाला मूंगफली कली ऊतकक्षय विषाणु (जीबीएनवी) जैसे उभरते पादप विषाणुओं के संदर्भ में इन विषाणुओं के वितरण प्रोफाइल एवं आनुवंशिक विविधता का आकलन, नैदानिकी तथा विषाणु प्रतिरोधी पराजीनी पौधों (वीआरटीपी) का विकास करना शामिल है।

डॉ. जैन को अनुसंधान में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भा.कृ.अ.सं. स्वर्ण पदक 1989; एम.जी. नरसिम्हा पुरस्कार 1999; भा.कृ.अ.सं. सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार 2004; वासविक पुरस्कार 2007; हरिकृष्ण शास्त्री स्मारक पुरस्कार 2010 तथा बी.बी. मुण्डकर स्मारक पुरस्कार 2011 प्रदान किए गए।

डॉ. जैन को 1990-91 की अवधि के लिए एफएओ अध्येतावृत्ति तथा 1997-98 के लिए डीबीटी ओवरसीज एसोसिएटशिप प्रदान की गई। डॉ. जैन, राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी, इण्डियन फाइटोपैथोलॅाजिकल सोसायटी तथा इण्डियन वायरोलॅाजिकल सोसायटी के फेलो भी हैं। डॉ. जैन वर्ष 2009 में इण्डियन फाइटोपैथोलॅाजिकल सोसायटी के अध्यक्ष, वर्ष 2011 में इण्डियन वायरोलॅाजिकल सोसायटी के उपाध्यक्ष तथा वर्ष 2008 से 2011 तक इण्डियन जर्नल ऑफ वायरोलॅाजी के मुख्य संपादक रह चुके हैं।

 

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डॉ आर के जैन
संयुक्त निदेशक (शिक्षा) व डीन

ई-मेल jd_research[at]iari[dot]res[dot]in
शिक्षा एसडी कॉलेज अम्बाला कैन्ट से वर्ष 1974 में बीएससी 
गोविन्द बल्लभ पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पन्तनगर से 1977 में एमएससी 
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली से 1988 में पीएचडी की डिग्री
सीएसआईआरओ मेलबोर्न आस्ट्रेलिया फ्लोरिडा विश्वविद्यालय गैनेजविले तथा जार्जिया विश्वविद्यालय टिफटॅान  यूएसए से पोस्ट डॉक्टरेट की डिग्री
पुरस्कार
  1. 1990-91 की अवधि के लिए एफएओ अध्येतावृत्ति
  2. 1997-98 के लिए डीबीटी ओवरसीज एसोसिएटशिप
  3. भा.कृ.अ.सं. स्वर्ण पदक 1989
  4. एम.जी. नरसिम्हा पुरस्कार 1999
  5. भा.कृ.अ.सं. सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार 2004
  6. वासविक पुरस्कार 2007
  7. हरिकृष्ण शास्त्री स्मारक पुरस्कार 2010
  8. बी.बी. मुण्डकर स्मारक पुरस्कार 2011
विशेषज्ञता वनस्पति - रोगविज्ञान, पौधा विषाणु विज्ञान