संभाग की विशिष्‍ट अनुसंधान उपलब्धियां (पिछले पांच वर्षों की)

 

  • उत्तर-भारतीय अवस्थाओं के तहत धान, मक्का और सूरजमुखी के संकर बीज-उत्पादन के लिए तकनीकों का मानकीकरण
  • टमाटर, बैंगन और फूलगोभी के संकर बीज उत्पादन की प्रौद्योगिकियों का विकास
  • खेतीहर और सब्जी फसलों के लिए बीज संवृद्धि प्रौद्योगिकी
  • बीज के भंडार की लंबी अवधि के लिए उपयुक्‍त पैकिंग-व्‍यवस्‍था का विकास
  • प्रोटीन और डीएनए मार्करों का उपयोग करते हुए किस्‍मगत पहचान और संकर परीक्षण के प्रोटोकॉल का विकास
  • चावल और मक्‍का में रूपआकृतिक, जैव रासायनिक और आण्विक मार्करों का समाकलन करते हुए डीयूएस (टेस्‍ट) परीक्षण विशेषताओं को मान्‍यता/वैधीकरण देना
  • अनाजों, दालों, तिलहनों, रेशे वाली फसलों और सब्जियों में डीयूएस परीक्षण निर्देशिका के विकास के लिए राष्‍ट्रीय नेतृत्‍व के अवसर उपलब्‍ध कराना
  • खरपतवार के बीजों की पहचान व उनकी (लक्षण निर्धारण) विशेषताएं बताना
  • खेतों, सब्जियों, औषधीय और हरी खाद वाली फसलों के बीज परीक्षण की प्रक्रिया का मानकीकरण
  • बीज परीक्षण प्रक्रियाओं की एकसमानता को बढ़ाना और उसका मूल्‍यांकन करना

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वर्ष 2008-2009 के दौरान विशिष्‍ट उपलब्धियां

  • पीक्यूपी से संबंधित मुद्दों और पीवीपी पर एक कम अवधि का सर्टिफिकेट कोर्स कराया गया (11 अगस्‍त से 18 अक्‍तूबर 2008 तक)
  • कृषि विज्ञान केन्‍द्र के प्रशिक्षण समन्‍वयकों और विषय-वस्‍तु विशेषज्ञों, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों और किसान संगठनों के लिए ''संकर सब्‍जी बीज उत्‍पादन में पौध-किस्‍म संरक्षण और इसका महत्‍व'' विषय पर जागरूकात बढ़ाने के लिए एक तीन दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 20 कार्मिकों ने भाग लिया।
  • शिकोहपुर (गुड़गांव) के कृषि विज्ञान केन्‍द्र में किसानों में जागरूकता पैदा करने के लिए एक दो दिन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में हरियाणा, राजस्‍थान, दिल्‍ली, उत्‍तर प्रदेश और बिहार से आए लगभग 60 किसानों ने भाग लिया।
  • ''देसी खीरा वर्गीय फसलों सहित सब्‍जी फसलों के डीयूएस परीक्षण के सिद्धांत और क्रियाविधि'' विषय पर दिनांक 3-7 नवम्‍बर 2009 को एक पांच दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। भा.कृ.अ.प. के संस्‍थानों और राज्‍य कृषि विश्‍वविद्यालयों से आए 15 सब्‍जी उगाने वालों व बीज उत्‍पादकों ने भाग लिया।
  • विभिन्‍न राज्‍यों से एकत्र की गई किसानों की लगभग 60 सब्‍जी किस्‍मों के डीयूएस लक्षण निर्धारण से कुछ नवीन विशेषताओं का पता चला जो पीपीवी एंड एफआर प्राधिकरण द्वारा अधिसूचित की गई डीयूएस परीक्षण निर्देशिका में शामिल नहीं है।
  • विभिन्‍न स्‍थानों पर उगाई गई चावल की एक किस्‍म पटेल-3 और इसके विभेदों की अनेक आकृतिविज्ञानी और आण्विक विशेषताओं का अध्‍ययन किया गया। परिणामों से पता चला कि इन किस्‍मों के कुछ गुणों में मामूली सा अन्‍तर था। Âउड़ीसा और पीकेवी, अकोला से एकत्र की गई एचएमटी किस्‍म में किसी भी गुण में भिन्‍नता नहीं मिली जबकि जबलपुर में उगाई और विकसित की गई किस्‍म पटेल-3 (आईसी-86557) तथा अन्‍य ऐसी ही किस्‍म में केवल तीन गुणों में अन्‍तर पाया गया। उड़ीसा और पीकेवी अकोला Â में उगाई गई एचएमटी किस्‍मों में, 16 एसएसआर मार्कर्स के उपयोग से प्राप्‍त बेन्डिंग प्रोफाइल में आण्विक मार्कर्स पर आधारित गुणों में किसी भी प्रकार की भिन्‍नता नहीं पाई गई।