1. फसल सुधार विद्यापीठ

i. आनुवंशिकी संभाग

  • परियोजना 1: गेहूं का आनुवंशिक सुधार
  • परियोजना 2: चावल में विभिन्‍न प्रथाओं तथा प्रतिबल प्रतिरोध के अन्‍तर्गत उत्‍पादकता हेतु आनुवंशिक सुधार
  • परियोजना 3: मक्‍का में प्रतिबल सहिष्‍णुता, उन्‍नत उत्‍पादकता तथा गुणवत्‍ता संबंधी विशेषकों के लिए आनुवंशिकी एवं प्रजनन
  • परियोजना 4: उच्‍च उत्‍पादकता एवं गुणवत्‍ता के लिए बाजरा का आनुवंशिक सुधार
  • परियोजना 5: चना में उत्‍पादकता बढ़ाने के लिए आनुवंशिक सुधार
  • परियोजना 6: मसूर और मूंग में आनुवंशिक सुधार
  • परियोजना 7: अगेती परिपक्‍वता के लिए अरहर का आनुवंशिक सुधार
  • परियोजना 8: विभिन्‍न सस्‍यविज्ञानी स्थितियों के लिए किस्‍मों और संकरों के विकास हेतु तोरिया और सरसों का आनुवंशिक सुधार
  • परियोजना 9: बारानी और सिंचित प्रणाली के लिए सोयाबीन की आनुवंशिक वृद्धि
  • परियोजना 11: ताप और सूखा सहिष्‍णुता पर बल देते हुए कपास की आनुवंशिक वृद्धि
  • परियोजना 12: विकास एवं व्‍यवहार में जीनों पर मौलिक अध्‍ययन : आदर्श प्रणाली के रूप में ड्रॉसोफिला
ii. फल एवं औद्यानिक प्रौद्योगिकी संभाग
  • परियोजना 1: बागवानी संबंधी विशेषताओं, उन्‍नत उपज तथा फल गुणवत्‍ता के लिए फल फसलों का प्रजनन
  • परियोजना 2: फलदार फसलों की उत्‍पादकता बढ़ाने और गुणवत्‍ता सुधारने के लिए प्रौद्योगिकियों का विकास

.iii.शाकीय विज्ञान संभाग

  • परियोजना 1: उत्‍पादकता, गुणवत्‍ता तथा प्रतिबल प्रतिरोध के लिए श्रेष्‍ठ संकरों और किस्‍मों का विकास
  • परियोजना 2: शाकीय फसलों का आण्विक प्रजनन
  • परियोजना 3: देसी और कम उपयोग में आई सब्जियों की श्रेष्‍ठ किस्‍मों का विकास


iv. कटाई उपरांत प्रौद्योगिकी संभाग

  • परियोजना 1: प्रोटीन पूरक के रूप में नए सुविधाजनक खाद्य पदार्थों का विकास
  • परियोजना 2: बागवानी उत्‍पाद के वैलोरीकरण के द्वारा क्रियात्‍मक खाद्य पदार्थों का विकास
  • परियोजना 3: फलों एवं सब्जियों का समेकित कटाई उपरांत प्रबंध

v. पुष्‍पविज्ञान एवं भूदृश्‍य निर्माण संभाग

  • परियोजना 1: वाणिज्यिक पुष्‍प किस्‍मों का प्रजनन
  • परियोजना 2: वाणिज्यिक पुष्‍प फसलों के उत्‍पादन और कटाई उपरांत प्रबंधन प्रौद्योगिकियों का विकास

vi. बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संभाग

  • परियोजना 1: किस्‍म गुणनिर्धारण, अनुरक्षण एवं संकर बीजोत्‍पादन प्रौद्योगिकी
  • परियोजना 2: गुणवत्‍तापूर्ण बीज का मूल्‍यांकन एवं उन्‍नयन
  • परियोजना 3: कृषि-बागवानी फसलों का किस्‍म अनुरक्षण एवं गुणवत्‍तापूर्ण बीजोत्‍पादन

vii. क्षेत्रीय केन्‍द्र, इन्‍दौर

  • परियोजना 1: मध्‍य भारत में गेहूं की उत्‍पादकता बढ़ाना, रोगप्रतिरोध, जल उपयोग दक्षता, पोषणिक मान एवं लाभदायकता

viii. क्षेत्रीय केन्‍द्र, करनाल

  • परियोजना 1: चुनी हुई खेत व सब्‍जी फसलों में नाभिक बीजोत्‍पादन के लिए अनुरक्षण प्रजनन
  • परियोजना 2: गुणवत्‍तापूर्ण बीज का कटाई पूर्व व कटाई पश्‍चात् अनुसंधान एवं विकास

ix. क्षेत्रीय केन्‍द्र, अमरतारा कॉटेज, शिमला

  • परियोजना 1:: शीतोष्‍ण फलों का मूल्‍यांकन, उपयोग व उनमें सुधार
  • परियोजना 2: परिवर्तनशील जलवायु दबाव तथा विभिन्‍न अन्तिम उपयोग की स्थितियों के अन्‍तर्गत हिमालय तथा उप-हिमालय क्षेत्रों के लिए गेहूं और जौ का सुधार

x. क्षेत्रीय केन्‍द्र, वैलिंग्‍टन

  • परियोजना 1: दक्षिण भारत में गेहूं रतुआ चौकसी तथा भावी भारतीय गेहूं जन्‍म द्रव्‍य में रतुआ प्रतिरोध प्रोफाइलिंग
  • परियोजना 2: संकरीकरण तथा मार्कर सहायी चयन के माध्‍यम से प्रभावी जीनों के समेकन द्वारा उच्‍च दाना उपज तथा अन्तिम गुणवत्‍ता से युक्‍त गेहूं की श्रेष्‍ठ, टिकाऊ व रोगप्रतिरोधी किस्‍मों का विकास

xi. संरक्षित कृषि के लिए केन्‍द्र

  • परियोजना 1: आय बढ़ाने तथा रोजगार सृजन के लिए बागवानी फसलों की संरक्षित कृषि प्रौद्योगिकी

xii. क्षेत्रीय केन्‍द्र, कटराईं

  • परियोजना 1: शीतोष्‍ण सब्जियों व बल्‍बदार अलंकारिक फसलों में सुधार एवं संबद्ध प्रौद्योगिकियां

xiii. क्षेत्रीय केन्‍द्र, पूसा, बिहार

  • परियोजना 1: उत्‍तर पूर्वी मैदानी क्षेत्र में गेहूं, अरहर, तम्‍बाकू व पपीता की उत्‍पादकता बढ़ाना
2. संसाधन प्रबंध विद्यापीठ

 

i. कृषि अभियांत्रिकी संभाग

  • परियोजना 1: फसलोत्‍पादन में अधिक परिचालनीयता तथा निवेश उपयोग की दक्षता के लिए परिशुद्ध यंत्र
  • परियोजना 2: पॉलीहाउसों व नेटहाउसों का संरचनात्‍मक एवं सूक्ष्‍म जलवायु संबंधी अध्‍ययन
  • परियोजना 3: कृषि उपज के फार्म पर मूल्‍यवर्धन के लिए नवीन प्रौद्योगिकियों का विकास
  • परियोजना 4: टिकाऊ फसलोत्‍पादन के लिए फार्म शक्ति-मशीनरी उपयोग प्रोटोकॉल एवं प्रबंधन

ii. कृषि भौतिकी संभाग

  • परियोजना 1: विभिन्‍न फसलों के लिए मृदा एवं पादप जल प्रतिबल संकेतकों का विकास
  • परियोजना 2: टिकाऊ कृषि के लिए फसल-मौसम संबंधों का अध्‍ययन
  • परियोजना 3: सीमित जल की स्थितियों के अन्‍तर्गत जल एवं पोषक तत्‍व प्रबंध के लिए निर्णय संबंधी युक्तियों का विकास
  • परियोजना 4: सुदूर संवेदन पर्यवेक्षणों पर आधारित भूमि एवं अंतरिक्ष तकनीकों का उपयोग करके कृषि पारिस्थितिक प्रणाली का गुणनिर्धारण एवं निगरानी

iii. सूक्ष्‍मजीव विज्ञान संभाग

  • परियोजना 1: नवीन अणुओं तथा जीनों के लिए सूक्ष्‍म जैविक विविधता, पहचान तथा जैव संभाव्‍यता
  • परियोजना 2: कारगर पोषक तत्‍व प्रबंध एवं फसल सुधार के लिए सूक्ष्‍म जैविक टीके
  • परियोजना 3: कृषि अपशिष्‍टों व प्‍लास्टिक का सूक्ष्‍म जैविक अपघटन

iv. जल प्रौद्योगिकी केन्‍द्र

  • परियोजना 1: जल संभर आधारित बारानी क्षेत्रों में जल संसाधनों का मूल्‍यांकन, संरक्षण एवं उपयोग
  • परियोजना 2: जल आपूर्ति की विभिन्‍न स्थितियों के अन्‍तर्गत फसल एवं जल उत्‍पादकता में वृद्धि
  • परियोजना 3: सिंचित क्षेत्रों के लिए जल प्रबंध प्रौद्योगिकियों का विकास

v. मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन विज्ञान संभाग

  • परियोजना 1: मृदा गुणवत्‍ता एवं विकास के संदर्भ में नैनो-प्रौद्योगिकीय अनुप्रयोग तथा मृदा जड़ क्षेत्र की अन्‍तर क्रियाएं
  • परियोजना 2: विभिन्‍न फसल प्रणालियों में संतुलित एवं समेकित पोषक तत्‍व उपयोग पर आधारित मृदा परीक्षण के माध्‍यम से देसी तथा व्‍यावहारिक पोषक तत्‍वों की उपयोग दक्षता में सुधार
  • परियोजना 3: फसल उत्‍पादकता और मृदा स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ाने के लिए कार्बनिक अपशिष्‍टों की पोषक तत्‍व पुनरोपयोग दक्षता
  • परियोजना 4: कार्बन संचयन, मृदा स्‍वास्‍थ्‍य तथा पोषणिक गुणवत्‍ता पर कृषि के गहनीकरण का प्रभाव

vi. सस्‍यविज्ञान संभाग

  • परियोजना 1: पोषक तत्‍व उपयोग की दक्षता बढ़ाने, टिकाऊ उत्‍पादकता, लाभदायकता तथा मृदा स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अन्‍य कृषि निवेशों के साथ समेकित पोषक तत्‍व प्रबंध
  • परियोजना 2: संसाधन उपयोग की दक्षता बढ़ाने व मृदा स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फसल विविधीकरण
  • परियोजना 3: विभिन्‍न फसल प्रणालियों में जल उत्‍पादकता बढ़ाने के लिए कारगर सिंचाई एवं वर्षा जल का उपयोग करने हेतु कृषि तकनीकें 
  • परियोजना 4: उत्‍पादकता एवं संसाधन उपयोग की दक्षता बढ़ाने के लिए संरक्षण कृषि 
  • परियोजना 5: फसलों एव फसल प्रणालियों में खरपतवार मूल्‍यांकन एवं प्रबंध
  • परियोजना 6 उच्‍च उत्‍पादकता एवं लाभदायकता के लिए परिशुद्ध कृषि

vi. पर्यावरण विज्ञान संभाग

  • परियोजना 1: भारतीय कृषि के लिए जलवायु परिवर्तन के प्रति संवेदनशीलता का मूल्‍यांकन, उससे निपटने/अनुकूलन की कार्यनीतियां
  • परियोजना 2: उत्‍पादों की मूल्‍यवर्धित पुनर्प्राप्ति तथा पर्यावरण पर उनके प्रभावों के मूल्‍यांकन के लिए एनसीआर के चुने हुए क्षेत्रों से जीव द्रव्‍य अपशिष्‍ट पर बेंचमार्क आंकड़ों का संश्‍लेषण
  • परियोजना 3: पारिस्थितिक प्रणाली संबंधी सेवाओं पर कृषि कार्यों के प्रभाव का परिस्थिति विज्ञानी एवं आर्थिक मूल्‍यांकन
  • परियोजना 4: स्‍वच्‍छ जैव ईंधनों में कृषि अपशिष्‍ट के संरक्षण हेतु प्रौद्योगि‍कीय विकास
  • परियोजना 5: भारतीय कृषि पर वायु प्रदूषण के प्रभावों का मूल्‍यांकन

viii. अनुरूपण एवं सूचना विज्ञान इकाई

  • परियोजना 1: कृषि अनुसंधान तथा ज्ञान प्रबंध में आईसीटी के अनुप्रयोग

3:. फसल सुरक्षा विद्यापीठ

I. कृषि रसायन संभाग

  • परियोजना 1: नई प्रक्रियाओं तथा उत्‍पादों की डिज़ाइन, खोज एवं विकास के द्वारा कृषि रसायनों के लिए रसायनिक-संभाव्‍यता 
  • परियोजना 2: सुरक्षा एवं दक्षता के लिए कृषि रसायनों के संरुपणों में नवीन युक्तियां तथा अनुप्रयोग प्रौद्योगिकी
  • परियोजना 3: फसल सुरक्षा उत्‍पादों व अपशिष्‍ट प्रबंधन के संदर्भ में खाद्य सुरक्षा व जोखिम का मूल्‍यांकन

ii. सूत्रकृमि विज्ञान संभाग

  • परियोजना 1: कृषि की दृष्टि से महत्‍वपूर्ण सूत्रकृमि जैव-विविधता का जैव वर्गीकरण विज्ञान तथा संरक्षण
  • परियोजना 2: जड़गांठ सूत्रकृमियों की प्रतिरोधी फसलों के विकास हेतु आण्विक कार्यनीतियां
  • परियोजना 3: खेत वाली और बागवानी फसलों के प्रमुख सूत्रकृमि नाशकजीवों का प्रबंध

iii. पादपरोग विज्ञान संभाग

  • परियोजना 1: कवकों की जैव-विविधता, वर्गीकरण विज्ञान, संरक्षण एवं प्रलेखन
  • परियोजना 2: रोगजनकों का जीनोमिक्‍स, जाति प्रोफाइल तथा प्रतिरोध संबंधी गुणनिर्धारण
  • परियोजना 3: भयंकर रोगों के प्रबंध हेतु जैव-नियंत्रण कार्यनीति
  • परियोजना 4: चावल, गेहूं व फलीदार फसलों की रोग-गतिकी पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव
  • परियोजना 5: बागवानी फसलों व खेत फसलों को प्रभावित करने वाले विषाणुओं तथा विषाणु जैसे रोगजनकों का जीनोमिक्‍स उन्‍नत नैदानिकी एवं प्रबंध
  • परियोजना 6: बागवानी एवं खेत फसलों को प्रभावित करने वाले जैविक प्रतिबलों के विरूद्ध अभियांत्रिक प्रतिरोध

iv. कीट विज्ञान संभाग

  • परियोजना 1: आर्थिक दृष्टि से महत्‍वपूर्ण कॉलियोप्‍टेरा और हाइमेनोप्‍टेरा पर जैव वर्गीकी संबंधी अध्‍ययन
  • परियोजना 2: विभिन्‍न फसल प्रणालियों के लिए समेकित नाशीजीव प्रबंध कार्यनीतियों का विकास
  • परियोजना 3: महत्‍वपूर्ण फसलों की उभरती हुई नाशकजीव संबंधी समस्‍याओं पर विषविज्ञानी अन्‍वेषण 
  • परियोजना 4: विषजैविकी प्रतिरोध, लक्षित स्‍थलों व पोषण के संदर्भ में कीटों का कार्यिकीय एवं आण्विक जीवविज्ञान
  • परियोजना 5: फसल नाशकजीवों तथा खरपतवारों के सक्षम जैव-नियंत्रण एजेन्‍टों की कम लागत पर उत्‍पादन व खेत में उपयोग संबंधी अध्‍ययन

v. क्षेत्रीय केन्‍द्र, पुणे

  • परियोजना 1: फलों एवं सब्जियों के विषाणु/विषाणु जैसे रोगों पर अन्‍वेषण व उनका प्रबंध


vi. क्षेत्रीय केन्‍द्र, कालिम्‍पोंग

  • परियोजना 1: उत्‍तर पूर्वी हिमाचल क्षेत्र में प्रमुख बागवानी फसलों को प्रभावित करने वाले विषाणु व विषाणु जैसे रोगों का प्रबंध

4:. मूल विज्ञान विद्यापीठ

i. जैव-रसायन विज्ञान संभाग

  • परियोजना 1: अनाजों में अजैविक प्रतिबलों पर जैव रसायन विज्ञानी व आण्विक अध्‍ययन 
  • परियोजना 2: सोयाबीन के पोषण की दृष्टि से महत्‍वपूर्ण प्रमुख घटकों का जैव-रसायन विज्ञानी तथा आण्विक गुणनिर्धारण

ii. पादप शरीरक्रिया विज्ञान संभाग

  • परियोजना 1: परिवर्तनशील पर्यावरण के अन्‍तर्गत गेहूं में कार्बन व नाइट्रोजन स्‍वांगीकरण
  • परियोजना 2: गेहूं और चना में अजैविक प्रतिबल सहिष्‍णुता का शरीरक्रिया विज्ञानी व आण्विक आधार
  • परियोजना 3: नाजुक फसलों की कटाई उपरांत कार्यिकी 
  • परियोजना 4: चना की फसल की विकास अवधि एवं उपज पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव

iii. नाभिकीय अनुसंधान प्रयोगशाला

  • परियोजना 1: चावल, गेहूं तथा मक्‍का में फसल उत्‍पादकता बढ़ाने हेतु नाइट्रोजन, जस्‍ता और जल के दक्ष उपयोग पर समस्‍थानिक अध्‍ययन
  • परियोजना 2: खेत फसलों में कटाई उपरांत भण्‍डारणशीलता व अजैविक प्रतिबल बढ़ाने के लिए विद्युत-चुम्‍बकीय ऊर्जा

5:. समाजविज्ञान विद्यापीठ

i. कृषि प्रसार संभाग

  • परियोजना 1: कृषि विकास के लिए साइबर प्रसार मॉडल : एक क्रियात्‍मक अनुसंधान 
  • परियोजना 2: टिकाऊ कृषि विकास के लिए प्रसार मॉडलों एवं रणनीतियों का विकास और उनका विश्‍लेषण
  • परियोजना 3: चुनी हुई दलहनी व अनाज वाली फसलों में उन्‍नत प्रौद्योगिकियों के अपनाने में आने वाली बाधाएं व उपज में अन्‍तर : एक तुलनात्‍मक अध्‍ययन
  • परियोजना 4: ग्रामीण युवाओं में उद्यमशीलता को बढ़ाना
  • परियोजना 5: स्‍वयं सहायता समूहों के माध्‍यम से लिंग सशक्तिकरण : स्‍वयं सहायता समूहों की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए क्षमता निर्माण प्रशिक्षण मॉडयूलों की डिज़ाइनिंग व उनका सत्‍यापन

ii. कृषि अर्थशास्‍त्र संभाग

  • परियोजना 1: आरडब्‍ल्‍यूएस में कृषि परिवर्तन, संसाधन उपयोग व उत्‍पादकता संबंधी अध्‍ययन
  • परियोजना 2: जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में भारतीय कृषि में ऊर्जा का उपयोग
  • परियोजना 3: उदारीकरण के बाद के युग में कृषि निवेश : एक संस्‍थागत परिदृश्‍य 
  • परियोजना 4: भारत के व्‍यापार संबंधी समझौते : कृषि क्षेत्र के लिए उनका निष्‍पादन एवं संभावनाएं
  • परियोजना 5: घरेलू बाजार में सुधारों का प्रभाव
  • परियोजना 6: किसानों की संस्‍थागत ऋण तक पहुंच व ऋण प्रदान करने की नई युक्तियां
  • परियोजना 7: ग्रामीण फार्म-इतर क्षेत्र : आय तथा रोजगार पर प्रभाव

iii. कटैट, एटिक, कृषि विज्ञान केन्‍द्र

  • परियोजना 1: कृषि प्रौद्योगिकियों का मूल्‍यांकन व विभिन्‍न उत्‍पादन प्रणालियों के लिए बाजार से संबंधित प्रसार मॉडलों का विकास